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गाजीपुर up 61

 गाजीपुर का इतिहास पांडुलिपि ब्रिटिश संग्राहलय लंदन से आई है जो मैने रिसर्च किया है जंगीपुर के एक सय्यद अमानुल्लाह ने फारसी भाषा मे पेज नंबर (173) लिखा था यह जनपत् का पहला इतिहास है 

जिससे हमे जनपत् के कोने कोने मे गुजरे लम्हे घटनाओं का पता चलता है यह बेहद कीमती अभिलेख है

इसकी नकल गाँव  मुहमदपुर पार  जो नोनहर से लगा हुआ है वहा के गुलाब हुसैन  परवि ने नकल किया है वही कुछ लोग के पास है



इसके लेखक ने गाजीपुर के संस्थापक मिर मसूद गाजि वयक्तिव को एक हीरो के रूप में प्रदर्षित किया है

 सही मयीने me hero ship ko nahi manata  


जहा एक शिपसलार  को देवता रूप देकर मंगढ़त देव मलाई कहानी किस्सो से लपेट दिया जाता है वह किरदार इतिहास स्वीकार नहीं करता 

ऐसा अमीर मसूद के साथ भी हुआ है



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ब्रेकिंग

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Today job

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